अमेरिका में हाहाकार जनता उतरी सड़कों पर ईरान-इजरायल युद्ध के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

 


(मार्च 2026), अमेरिका के कई प्रमुख शहरों में ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध और उसमें अमेरिकी भागीदारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

नीचे इस पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है:

ईरान-इजरायल युद्ध और अमेरिकी विरोध प्रदर्शन: विस्तृत विवरण

1. पृष्ठभूमि: युद्ध की शुरुआत (फरवरी-मार्च 2026)

इस तनाव की शुरुआत 28 फरवरी, 2026 को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इस ऑपरेशन को अमेरिका ने "ऑपरेशन एपिक फ्युरी" (Operation Epic Fury) और इजरायल ने "रोरिंग लायन" (Roaring Lion) का नाम दिया।

मुख्य घटना: इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई।

कारण: अमेरिकी प्रशासन का तर्क था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सैन्य गतिविधियों से दुनिया को "आसन्न खतरा" था।

2. अमेरिका में विरोध प्रदर्शनों का स्वरूप

जैसे ही युद्ध शुरू हुआ, अमेरिका की जनता सड़कों पर उतर आई। इन प्रदर्शनों को मुख्य रूप से 'नो किंग्स' (No Kings) आंदोलन के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।

व्यापकता: मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते तक, अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,200 से अधिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

प्रमुख शहर: वाशिंगटन डी.सी. (व्हाइट हाउस के बाहर), न्यूयॉर्क (टाइम्स स्क्वायर), लॉस एंजिल्स, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को में लाखों की संख्या में लोग जमा हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांगें: प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि अमेरिका इस युद्ध से तुरंत पीछे हटे। उनका कहना है कि यह एक "अनावश्यक युद्ध" है जो अमेरिकी संसाधनों और जीवन को खतरे में डाल रहा है।

3. जनमत और राजनीतिक प्रभाव

हालिया सर्वेक्षणों (Polls) के अनुसार, अमेरिकी जनता के बीच इस युद्ध को लेकर गहरी नाराजगी है:

विरोध का प्रतिशत: लगभग 59% से 61% अमेरिकी नागरिक मानते हैं कि ईरान पर सैन्य हमला करना एक गलत निर्णय था।

आर्थिक चिंता: युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे अमेरिका में गैस और किराने के सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। जनता का एक बड़ा हिस्सा सैन्य कार्रवाई के बजाय घरेलू अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की मांग कर रहा है।

राजनीतिक विभाजन: डेमोक्रेट्स और निर्दलीय मतदाता इस युद्ध का कड़ा विरोध कर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद नजर आ रहे हैं।

4. प्रमुख विरोध घटनाएं

संसद में विरोध: 4 मार्च, 2026 को एक पूर्व अमेरिकी मरीन (Brian McGinnis) ने सीनेट की सुनवाई के दौरान चिल्लाते हुए विरोध किया कि "अमेरिका अपनी संतानों को इजरायल के लिए युद्ध में नहीं भेजना चाहता।"

प्रतीकात्मक प्रदर्शन: 18 मार्च को 'विन विदाउट वॉर' (Win Without War) संगठन ने कैपिटल हिल पर बच्चों के स्कूल बैग प्रदर्शित किए, जो ईरान में एक स्कूल पर हुए हवाई हमले (जिसमें 160 बच्चे मारे गए थे) का विरोध था।

हस्तियों की भागीदारी: ब्रूस स्प्रिंगस्टीन, जेन फोंडा और रॉबर्ट डी नीरो जैसी हस्तियों ने इन रैलियों को संबोधित किया है और युद्ध को "लोकतंत्र के लिए खतरा" बताया है।

5. निष्कर्ष

अमेरिका में हो रहे ये प्रदर्शन केवल युद्ध विरोधी नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन की विदेश नीति और घरेलू निर्णयों (जैसे प्रवासन नीति) के खिलाफ एक व्यापक असंतोष का हिस्सा बन चुके हैं। जनता का मानना है कि इस युद्ध से अमेरिका की सुरक्षा बढ़ने के बजाय कम हुई है।


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